बारिश के ख्याल
बारिश के खयाल
बारिश अक्सर सिर्फ मौसम नहीं होती,
ये ठहरने का एक बहाना होती है।
जब आसमान हल्का होता है,
तभी धरती सुकून महसूस करती है।
कुछ बूंदें खामोशी से गिरती हैं,
पर मन के भीतर बहुत कुछ कह जाती हैं।
बारिश सिखाती है
हर चीज़ का शोर जरूरी नहीं होता,
कुछ बातें धीरे-धीरे भी समझ आती हैं।
ये भी बताती है कि
धुंधले आसमान के बाद भी,
साफ़ नज़ारा लौट आता है।
और शायद इसलिए…
बारिश में भीगना नहीं,
उसे महसूस करना ज़रूरी होता है।
संजना ✍️