एक रात

Sanjana kumari Sanjana kumari StoryRecent2 min read
एक रात

कभी सोचा है
एक ही रात में पूरी ज़िंदगी कैसे बदल जाती है?

कभी-कभी एक ही रात काफी होती है,
ज़िंदगी का अर्थ बदल देने के लिए

एक रात में कोई बेटी
अपने आँगन से विदा हो जाती है,
तो कोई अपना शहर छोड़
अनजानी राहों पर चल पड़ता है।

किसी के लिए वही रात
नई शुरुआत लेकर आती है,
तो किसी के लिए
सब कुछ चुपचाप छीन ले जाती है।

एक रात किसी घर में
किलकारियाँ गूंज उठती हैं,
तो कहीं उसी रात
खामोशियाँ स्थायी हो जाती हैं।

कोई उस एक रात में
अपने सपनों को पा लेता है,
तो कोई सब कुछ होते हुए भी
अंदर से खाली रह जाता है।

अजीब है ये एक रात—
ना ठहरती है, ना लौटती है,
पर जाते-जाते
बहुत कुछ बदल जाती है।

क्योंकि सच यही है
हर जीवन में एक ऐसी रात आती है,
जो बीत तो जाती है,
पर अपने निशान छोड़ जाती है।

संजना ✍️

Enjoying this creation?

The full interactive experience (likes, comments, the Litora Studio, and much more) is waiting for you in the mobile app.