शक्ति
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शक्ति🩷
शक्ति तू जगदंबा तू, आदि तू अनादि तू।
ममता का समुंदर बहाने वाली माँ जगदंबा तू।
जननी तू, जगत जननी तू।
अपनी संतानों के लिए ढाल बनने वाली महिषासुर मर्दिनी तू।
अज्ञान को दूर भगाने वाली शारदे भवानी तू।
ज्ञान की रोशनी दिखाने वाली विद्या वाहिनी तू।
शेर की सवारी करने वाली शेरांवाली तू।
हाथ में त्रिशूल धारण करने वाली माँ दुर्गा तू।
आँखों में ममता की बौछार दिखाने वाली गौरी तू।
जब बात आए संतानों पर, तो दुश्मनों का संहार करने वाली काली तू।
कमल पर विराजमान होने वाली लक्ष्मी तू।
नित दिन ध्यान-स्मरण की जाने वाली शक्ति तू।
माँ तू, बहन तू, हर नारी में तू — मेरी संसार ही तू।
जब लगता है मुझे मैं हार गई हूँ, तब जीत की उम्मीद दिखाने वाली माँ दुर्गा तू…
माँ दुर्गा तू… माँ दुर्गा तू…
संजना ✍️
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